Monday, 6 July 2015

पत्नी साधना सिंह को खदान आवंटन कर फंसे सीएम शिवराज!


डॉ. अरूण जैन
व्यापमं घोटाले के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब पत्नी के नाम मैगनीज खदान आवंटन को लेकर गंभीर आरोपों के घेरे में हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर पत्नी साधना सिंह की कंपनी को मैगनीज खदान आवंटित करने का आरोप लगाया है। हालांकि, सरकार ने कांग्रेस के इन आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री के बचाव में दो मंत्री सामने आ गए। दरअसल, कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता केके मिश्रा ने खदान आवंटन के दस्तावेज जारी करके आरोप लगाया कि बालाघाट में मैगनीज की एक खदान एसएस मिनरल्स नामक फर्म को आवंटित की गई, जिसके प्रोपराइटर में श्रीमती एसएस सिंह लिखा हुआ है। आवंटन के बाद हुए एग्रीमेंट में श्रीमती एसएस सिंह पत्नी शिवराज सिंह, भोपाल लिखा हुआ है। कांग्रेस ने जो दस्तावेज जारी किए है, वह दस्तावेज हिंदी में है। सरकार की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता और परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह बचाव में सामने आए। सरकार की तरफ से भी दस्तावेज पेश कर कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर दिया गया। उन्होंने बालाघाट जिले में आवंटित की गई खदानों के 1991 से 2014 तक के दस्तावेज जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस गांव का जिक्र किया है, वहां मैगनीज खदान ही नहीं है। साथ ही जो खसरा नंबर बताया गया है वह जगनटोला में है और वह खदान लीला भलावी के नाम आवंटित है। उस खदान पर उनके बेटे अशजक उईके का आधिपत्य है। कांग्रेस के दस्तावेज हिंदी में जबकि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची अंग्रेजी में है। केके मिश्रा ने कहा कि भोपाल की फर्म मेसर्स एस एस मिनरल्स को बालाघाट जिले के ग्राम-पौनिया में 17.9एकड़ भूमि 10 वर्ष की लीज पर मैग्नीज खदान के लिए आवंटित की गई। मेसर्स एस एस मिनरल्स की प्रोपराईटर साधना सिंह हैं, लेकिन कंपनी के प्रोपराईटर के रुप में साधना सिंह का नाम बदलकर श्रीमती एस एस चौहान पत्नी शिवराज सिंह अंकित है। 11 जनवरी 2007 से 21 जनवरी 2017 तक के लिए आवंटित खदान का खसरा नंबर हैं 83,85/2 ,125/1,125/ 2,125,128, 129,84,85/ 1,80/2, 81/1-2। सरकार यह भी तर्क दे रही है कि जिस गांव का जिक्र किया गया वहां मैगजीन खदान नहीं है। दो सूची, दो भाषा, दो नंबर। कांग्रेस के दावे और सरकार के तर्क के बीच एक दिलचस्प तरीके का विरोधाभास सामने आया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के दस्तावेजों में पत्र क्रमांक एक ही है। बस फर्क इतना है कि कांग्रेस के दस्तावेज हिंदी में है, जबकि सरकार ने सफाई देते हुए खदान आवंटन की जो सूची पेश की है वह अंग्रेजी में है। कांग्रेस की सूची में 79 नंबर पर एसएस मिनरल्स दर्ज है। सरकार के दस्तावेज 65वें नंबर पर लीला भलावी के नाम आवंटन दर्ज है।

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