Tuesday, 16 April 2019

ऑपरेशन बालाकोट के बाद अब ऑपरेशन बहावलपुर ?

डाॅ. अरूण जैन

खुफिया एजेंसियों के दावों को सही माना जाए तो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने जैश के मुखिया मसूद अजहर को बहावलपुर में ही छुपा रखा है। ऐसे में कोई बड़ी बात नहीं है कि ऑपरेशन बहावलपुर भारतीय सेना के ऑपरेशन बालाकोट का पार्ट टू हो जाए। पाकिस्तान को भी डर इस बात का है कि जैश के हैडक्वार्टर को ध्वस्त करने के लिए भारत फिर से यहां सर्जिकल और एयर स्ट्राइक कर सकता है। इसी डर से घबराया पाकिस्तान श्रीगंगानगर जिले से सटी 210 किलोमीटर लंबी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के इस पार सैन्य गतिविधियों की टोह लेने के लिए बार-बार ड्रोन उड़ा रहा है। लेकिन भारतीय सेना की मुंहतोड़ कार्रवाई के चलते उसके नापाक मंसूबों पर लगातार पानी फिर रहा है। विदित रहे कि श्रीगंगानगर के सीमावर्ती कस्बे अनूपगढ़ से बहावलपुर की दूरी मात्र 170 किलोमीटर है। सरकार और सेना ने अपने बयानों में इसके संकेत भी दिए हैं।  सेना अगर इस ऑपरेशन को अंजाम देती है तो इसके लिए श्रीगंगानगर जिले से सटी भारत-पाक सीमा पर उसे अपने सुरक्षा कवच को मजबूत करना होगा, ताकि ऑपरेशन की पीड़ा से बिलबिला कर पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करे तो उसका भी मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। इस ऑपरेशन की गतिविधियों की टोह लेने के लिए पाकिस्तानी ड्रोन लगातार भारतीय सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। सेना का मानना है कि पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से जो जानकारी जुटाना चाहता है, उसमें उसे सफलता नहीं मिली और इसीलिए वह इस इलाके में बार-बार ड्रोन भेज रहा है। ठिकाने पर कड़ा पहरा भारतीय सेना की ओर से आपरेशन बहावलपुर की आशंका के चलते पाकिस्तान ने बहावलपुर में रेलवे रोड स्थित जैश-ए-मोहम्मद के हैडक्वार्टर पर कड़ा पहरा बैठा दिया है। सेना के साथ वहां पुलिस भी तैनात है और किसी भी अंजान व्यक्ति को भीतर नहीं जाने दिया जाता। शैतान का दिन, शैतान पर फैसला 13 के अंक को पश्चिमी देशों में शैतानों का दिन मान जाता है। गुरुवार को 13 तारीख यानी शैतानों का दिन है और इसी दिन संयुक्त राष्ट्र संघ में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने पर फैसला होना है। मसूद को लेकर पाकिस्तान के डर का मुख्य कारण यह भी है कि उसे ग्लोबल आतंकी घोषित कर दिया गया तो भारत के लिए ऑपरेशन बहावलपुर को अंजाम तक पहुंचाना आसान हो जाएगा। पाकिस्तान पोषित आतंकवाद से परेशान ईरान भी इस ऑपरेशन में भारत का मददगार हो सकता है। इस फैसले का असर- ग्लोबल आतंकी घोषित होने पर मसूद अजहर यात्रा नहीं कर पाएगा।- उसके हथियार खरीदने पर रोक लग जाएगी।-

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