Wednesday, 23 May 2018

दैनिक जागरण में सरकारी विज्ञापन छापने पर लगी रोक

डाॅ. अरूण जैन
मीडिया इंडस्ट्री से एक चौंकाने वाली ख़बर आ रही है। पेड न्यूज यानि पैसे लेकर खबर छापने के मामले में बड़ी  कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार ने दैनिक जागरण के सरकारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में डीएवीपी को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि कि दैनिक जागरण सहित 51 समाचार पत्र जिन्होंने पेड न्यूज छापा है उन्हें किसी भी तरह से सरकारी विज्ञापन ना जारी किया जाए। केंद्र सरकार ने यह कार्रवाई पत्रकार एवं पत्रकार संगठनों की सर्वोच्च संस्था प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश के बाद किया है। प्रेस का
उंसिल ऑफ इंडिया ने ही दैनिक जागरण द्वारा पेड न्यूज छापने के मामले की जांच की। जांच में दैनिक जागरण अपने पक्ष में ठोस एवं पर्याप्त सबूत नहीं पेश कर पाया । ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान दैनिक जागरण ने पैसे लेकर खबरों का प्रकाशन किया था। हालांकि पूर्व में भी दैनिक जागरण में इस तरह की खबरें प्रकाशित की जाती रही हैं लेकिन अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान दैनिक जागरण द्वारा पैसे लेकर खबर छापने के मामले में उस समय भी बड़ी कार्रवाई हुई थी। गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में दैनिक जागरण के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुए थे। गाजियाबाद पुलिस ने उस समय दैनिक जागरण के मालिक संजय गुप्ता सहित उसके कई संपादकों को गिरफ्तार करने के लिए जागरण के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी एवं दबिश दी थी। दबिश के दौरान संजय गुप्ता किसी तरह बच गए थे। लेकिन पुलिस ने द्भड्डद्दह्म्ड्डठ्ठ.ष्शद्व के संपादक शेखर त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया था । दैनिक जागरण के संपादक शेखर त्रिपाठी को गाजियाबाद पुलिस ने कवि नगर थाने के लॉकअप में रात भर बंद रखा था। बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिली थी। शेखर त्रिपाठी ने कहा था कि यह न्यूज़ दैनिक जागरण मैनेजमेंट के कहने पर छापा गया था। खुद को फंसा हुआ देख और जेल जाने के डर से सहमे संजय गुप्ता ने पेड न्यूज छापने के लिए कंपनी के विज्ञापन विभाग को जिम्मेदार बताया  था। दैनिक जागरण के इस कुकृत्य कि मीडिया इंडस्ट्री में एवं पत्रकार बिरादरी में खूब थू - थू हुई थी। ञ्जद्धद्ग ॥द्बठ्ठस्रह्व, ॥द्बठ्ठस्रह्वह्यह्लड्डठ्ठ ञ्जद्बद्वद्गह्य, ढ्ढठ्ठस्रद्बड्डठ्ठ श्व3श्चह्म्द्गह्यह्य, छ्वड्डठ्ठह्यड्डह्लह्लड्ड सहित देश के सभी बड़े प्रमुख एवं सम्मानित राष्ट्रीय अखबारों ने दैनिक जागरण के इस कृत्य की निंदा करते हुए खबरें प्रकाशित की थी। पत्रकारिता के गिरते हुए स्तरं को बचाने एवं उसे फिर से सुधारने के लिए दैनिक जागरण को कसूरवार मानते हुए वरिष्ठ पत्रकारों ने कड़ी कार्रवाई की मांग प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से की थी। प्रसिद्ध पत्रकार एवं इंदिरा गांधी कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने इस मामले में दैनिक जागरण के प्रधान संपादक के गिरफ्तारी की मांग की थी। रामबहादुर राय ने कहा था कि दैनिक जागरण के प्रधान संपादक एवं मालिक संजय गुप्ता हैं ऐसे में उन्हें हर हाल में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पैसे लेकर खबर छापने के मामले में दैनिक जागरण की पहले भी किरकिरी हो चुकी है वर्ष 2009 में दैनिक जागरण में सभी चुनावी खबरें पैसे लेकर छापी गई थी। दैनिक जागरण के मालिकों को कटघरे में रखते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन ने कहा था कि दैनिक जागरण में खबर छापने के बदले में उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं। लालजी टंडन ने कहा कि दैनिक जागरण के मालिक एहसान फरामोश एवं धोखेबाज हैं। दैनिक जागरण के मालिकों को भारतीय जनता पार्टी ने टिकट दिया एवं राज्यसभा मैं सांसद बनाया लेकिन वह लोग इस एहसान को भी भूल गए।  जनसत्ता अखबार के संपादक ओम थानवी ने भी संजय गुप्ता को प्रायश्चित करने की सलाह दी थी और पेड न्यूज के मामले में दैनिक जागरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र सुरजन अरुण महेश्वरी उर्मिलेश सहित सभी नामी गिरामी पत्रकारों ने एवं संपादकों ने दैनिक जागरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उस समय दैनिक जागरण के एक संपादक की गिरफ्तारी के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। लेकिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए और इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दैनिक जागरण को दोषी करार दिया। सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा 13 सितंबर 2017 को जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि अगले 2 महीने तक दैनिक जागरण को मिलने वाले सरकारी विज्ञापन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। 2 महीना पूरा होने के बाद ही इस बारे में सोचा जाएगा कि क्या फिर से दैनिक जागरण को सरकारी विज्ञापन की मान्यता के दायरे में लाया जाए कि नहीं लाया जाए।

हिना खान के बारे में रोहित शेट्टी का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा

डाॅ. अरूण जैन
खतरों के खिलाड़ी में रोहित शेट्टी की डिमांड पर हर बात पर गाना गाने वाली हिना खान के बारे में रोहित ने एक चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है। इन दिनों खतरों के खिलाड़ी में हिना खान जो कि ये रिश्ता क्या कहलाता है से मशहूर हुई थीं, उनसे हर स्टंट से पहले शो के मेंटर रोहित गाना गंवाते हैं। इस बात पर रो​हित ने कहा कि हिना से गाना वह अपनी मर्जी से ​नहीं, बल्कि स्क्रिप्ट की डिमांड के अनुसार गवाते हैं। एक मुलाकात में लाइव हिन्दुस्तान से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि कुछ चीजें शो में मसाले के लिए करनी पड़ती हैं जो कि स्क्रिप्ट में लिखी हुई होती हैं। रोहित ने बताया कि हिना काफी अच्छी खिलाड़ी हैं और पहली बार उनसे मिलकर उन्हें लगा नहीं था कि हिना इतने अच्छे से सारे स्टंट कर लेंगी। उन्होंने कहा कि सेट पर कई बार वह उनके शो का मजाक भी बनाते हैं लेकिन वह बुरा नहीं मानतीं और अपना काम करती हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हिना को लोग पसंद कर रहे हैं और वह भी शो में खूब मस्ती कर रही हैं। शो के बाकी प्रतिभागियों के बारे में उन्होंने कहा कि सितारों के साथ काम करने से पहले वह उन्हें अच्छे से समझाते हैं और स्टंट में ली जाने वाली सावधानियों के बारे में बताते हैं। आपको बता दें कि हिना खान जो ये रिश्ता क्या कहलाता है में एक आदर्श बहू, बेटी और मां का किरदार निभा चुकी हैं, दर्शक उन्हें इस शो में देखना काफी पसंद कर रहे हैं और उनके कारण शो की टीआरपी भी खूब बढ़ रही है। फिल्मों पर भी काम चल रहा है अपनी आने वाली फिल्म गोलमाल अगेन के बारे में बात करते हुए रो​हित ने कहा कि स्पेन से वापस आने के बाद मैंने गोलमान अगेन पर काम शुरू कर दिया है। इस फिल्म के लिए हर दिन मैं कम से कम दो से तीन मीटिंग कर रहा हूं। वहीं ऑल द बेस्ट के बारे में उन्होंने कहा कि वह काफी खास फिल्म है और उम्मीद है कि हम इसका सीक्वल भी बनाएंगे।

KBC-9 में शिवराज सिंह चौहान की ब्रांडिंग

डाॅ. अरूण जैन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मैनेजर्स इन दिनों उनके नाम की ब्रांडिंग करने में युद्ध स्तर से जुटे हुए हैं। हर रोज किसी ना किसी बहाने से लाखों लोगों तक शिवराज सिंह चौहान का नाम कुछ इस तरह से भेजा जाता है कि उनकी लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ता रहे। इसी मिशन के KBC-9 में भी ब्रांडिंग कराई गई। निश्चित रूप से यह ब्रांडिंग ही थी, क्योंकि कौन बनेगा करोड़पति में अक्सर सामान्य ज्ञान के ऐसे प्रश्न पूछे जाते हैं जिनके उत्तर किसी ना किसी किताब में दर्ज हों परंतु बीते रोज एक ऐसा प्रश्न पूछा गया जिसका उत्तर सामान्य ज्ञान की किसी किताब में दर्ज नहीं है। प्रसारित हुए एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने अपने सामने बैठी प्रतिभागी से सवाल पूछा था कि मामा के नाम से किस प्रदेश का सीएम जाना जाता है। इसके जवाब के तौर पर छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश और गुजरात विकल्प दिए गए। यह सवाल 40 हजार रुपए के लिए पूछा गया था। सामने हॉट सीट पर नागपुर के एक किंडर कार्टेन स्कूल की प्रिंसिपल जैसमिन लारेंस थी। जैसमिन लारेंस ने सवाल के जवाब में मध्य प्रदेश को लॉक करवाया। इस जवाब के बाद महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने खास अंदाज में जैसमिन लारेंस को बधाई देते हुए कहा कि आप का उत्तर सही है। बता दें कि इन दिनों रियलिटी शो में प्रायोजित शॉट्स का चलन चल निकला है। डांस रिएलिटी शो डांस प्लस में एक कंपनी की कार को प्रमोट करने के लिए पूरा डांस कार के आसपास करवाया गया। एक बार तो महिला केप्टन शक्ति को ही कार पर नचा दिया गया लेकिन यह पहली बार हुआ है कि KBC-9 जैसे शो में एक पॉलिटिकल लीटर के नाम का प्रमोशन इस तरह से किया गया हो। शिवराज के चर्चित जुनून बचपन से ही जुनूनी कार्यकर्ता रहे हैं। बुधनी में उन पर भाषण देने का जुनून इस कदर हावी था कि वो दुकान के बाहर पड़े नमक के कट्टों पर खड़े होकर आते जाते लोगों को अपना भाषण सुनाया करते थे। सीएम बनने के बाद उन्हे अपने फोटो छपवाने का जुनून सवार हुआ। मप्र शासन का एक पूरा विभाग केवल इसी काम में लगा रहता है कि हर गली, नुक्कड़ पर शिवराज का फोटो दिखता रहे। फिर शिवराज सिंह को उत्सवधर्मिका का जुनून सवार हुआ। बात बात पर उत्सवों के आयोजन किए जाने लगे। यदि कोई कारण ना भी हो तो कारण उत्पन्न कर लिए जाते थे। जश्न मनाने का मौका नहीं मिलता तो मुख्यमंत्री होने के बावजूद प्रधानमंत्री के खिलाफ उपवास पर बैठ जाते। इन दिनों जन-जन तक शिवराज सिंह चौहान का नाम पहुंचाने का मिशन चल रहा है। फेसबुक, वाट्सएप, ट्वीटर, रेडियो, टीवी, अखबार और होर्डिंग तो थे ही। पिछले दिनों प्रदेश भर के नुक्कड़ों पर शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करने वाले सिपाही भर्ती किए गए और कौन बनेगा करोड़पति जैसे टीवी शो। 

ऐश के बाद अब रानी पर आ गया संजू बाबा का दिल

डाॅ. अरूण जैन
कुछ दिनों पहले संजय दत्त स्टारर फिल्म मलंग में ऐश्वर्या राय बच्चन को लेने की बात चल रही थी लेकिन अब इस फिल्म में ऐश की जगह रानी मुखर्जी को कास्ट करने की चर्चा जोरों पर है। एक तरफ फिल्ममेकर्स रानी को फिल्म में साइन करने की कोशिश में हैं तो दूसरी तरफ संजू बाबा भी रानी के साथ रोमांस करने को बेकरार हैं, जो कि कुछ दिनों पहले ऐश के साथ काम करने की इच्छा जाहिर कर रहे थे। रानी मुखर्जी के पास हाल ही में निर्देशक आरंभ कुमार की फिल्म मलंग का प्रस्ताव आया। फिल्म के प्रोड्यूसर संदीप कुमार ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि हम अपनी इस फिल्म में रानी के साथ काम करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। बॉलीवुड में रानी की बराबरी कोई अभिनेत्री नहीं कर सकती। वह वाकई एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं। इंडस्ट्री में उनके जैसा टैंलेंट मिलना बहुत मुश्किल है। हमारा बस चले तो हम अपनी हर फिल्म में रानी को ही साइन करें। हमारी फिल्म मलंग के हीरो संजय दत्त हैं और हम उनके अपोजिट रानी को कास्ट करना चाहते हैं। इस सिलसिले में हमने रानी से संपर्क किया है लेकिन फिलहाल उन्होंने हां या ना
कुछ नहीं कहा है। हम तो बस अभी यही दुआ कर रहे हैं कि किसी तरह रानी हमारे इस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए राजी हो जाएं। संजय दत्त के साथ उनकी जोड़ी शानदार साबित होगी और लोग इस जोड़ी को कई सालों तक याद रखेंगें। वहीं, संजय खुद रानी के साथ काम करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। आपको याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले मलंग के मेकर्स ने कहा था कि वे संजय और ऐश को एक साथ साइन कर उनकी फिल्म शब्द की केमिस्ट्री को पर्दे पर दोहराना चाहते हैं। यह वही फिल्म हैं जिसमें ऐश एक पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभाने वाली थीं। अब जबकि फिल्म की हीरोइन को लेकर निर्माताओं के साथ संजू बाबा का इरादा भी बदल चुका है तो रानी यह भूमिका निभाती दिखेंगी। अगर ऐसा होता है तो पहली बार संजय दत्त और रानी मुखर्जी स्क्रीन पर साथ नजर आएंगे। वैसे भी पिछले कुछ समय से रानी अपने पति और प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा के होम प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्मों में ही काम कर रही हैं। उनकी आने वाली फिल्म हिचकी को भी आदित्य चोपड़ा ही बना रहे हैं। वहीं, रानी इससे पहले संजय दत्त स्टारर फिल्म मुन्नाभाई को रिजेक्ट कर चुकी हैं। उन्हें इस फिल्म में बाबा की लव इंट्रस्ट बनने का मौका मिला था लेकिन रानी ने कोई बहाना बनाकर फिल्म से किनारा कर लिया और बाद में उनकी जगह ग्रेसी सिंह को साइन कर लिया गया। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि रानी पर्दे पर संजय के साथ इश्क फरमाने के लिए तैयार होती हैं या नहीं।

ग्लैमर और एक्शन की खुराक देती है जेंटलमैन

डाॅ. अरूण जैन
राज और डीके निर्देशित 'ए जेंटलमैन में एक्शन, ग्लैमर और डबल रोल जैसे कई बॉलीवुड मसाले हैं। अगर कहानी, एक्टिंग और सस्पेंस जैसे कुछ और तत्व भी होते, तो यह इस निर्देशक जोड़ी की कुछ पिछली सफल फिल्मों से टक्कर ले सकती थी। समाज में तेजी से आ रहे बदलावों में से एक बदलाव यह भी है कि अब 'सुंदर-सुशील का विशेषण शादी के इच्छुक लड़कों के लिए किसी हार्वड डिग्री से कम नहीं है। हर लड़की को ऐसा लड़का चाहिए जिसमें यह योग्यता हो। हो सकता है कि कुछ दिन बाद यह विशेषण 'वधू चाहिए के कॉलम से निकल कर 'वर चाहिए कॉलम में नजर भी आने लगे। बहरहाल, राज और डीके की नजर इस दस्तक देते बदलाव पर पहले ही पड़ गई या शायद उन्होंने 'की एण्ड का देखी और गढ़ दिया एक ऐसा ही मिलता-जुलता किरदार। साथ ही इसमें लगाया एक्शन और ग्लैमर का तड़का। तो क्या यह जेंटलमैन सबको रास आएगा? चलिए जानते हैं। राज निदीमोरू और कृष्णा डीके ने अपनी फिल्म 'शोर इन दि सिटी के साथ साल 2011 में खूब शोर मचाया था। इसके बाद साल 2013 में आई 'गो गोआ गॉन को भी युवाओं और टीनेजर्स ने काफी पसंद किया। हालांकि साल '2014Ó में रिलीज उनकी फिल्म 'हैप्पी एंडिंग को उतनी अच्छी एंडिंग नहीं मिल सकी। और अब यह निर्देशक जोड़ी 'ए जेंटलमैन फिल्म लेकर आई है, जिसके डबल रोल वाले पहलू को इसके प्रमोशंस में काफी रेखांकित किया गया। पर इस डबल रोल से जुड़ा एक रहस्य है, जिसे हम खोलेंगे तो नहीं, पर यह जरूर कहेंगे कि यह रहस्य अगर इंटरवेल से पहले ही खुल जाने की जगह अंत में खुलता, तो यह एक जबर्दस्त सस्पेंस साबित हो सकता था। खैर, अब बात कहानी की। मियामी की खूबसूरत वादियों में एक सुंदर सुशील लड़का गौरव (सिद्धार्थ मल्होत्रा) एक घर खरीदता है। भविष्य में परिवार बढऩे की संभावनाओं को देखते हुए एक टेम्पो ट्रेवलर खरीदता है और अपने ऑफिस में काम करने वाली लड़की काव्या (जैक्लीन फर्नान्डीज) से शादी करने का सपना देखता है। पर काव्या को चाहिए एक ऐसा लड़का जो सुंदर, सुशील होने के अलावा थोड़ा रिस्की भी हो। इस प्यार कहानी के साथ चल रही होती है ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की कहानी, जो काफी रिस्की है। यह फिल्म एक एक्शन थ्रिलर है, यह देखते हुए इससे ज्यादा बताना नाइंसाफी होगी। फिल्म 'मैं हूं ना और 'धड़कन जैसी फिल्मों के बाद सुनील शेट्टी एक बार फिर इस फिल्म में विलेन के रूप में नजर आए हैं और सिद्धार्थ को कड़ी टक्कर दे गए हैं। सिद्धार्थ फिल्म के कई दृश्यों में बिना शर्ट के नजर आए हैं और उनकी डिंपल वाली मुस्कुराहट भी काफी दिलकश है। अगर वह एक्टिंग और फिल्मों के चयन पर जरा और ध्यान दें तो अपने साथ करियर शुरू करने वाले वरुण धवन के करीब पहुंच सकते हैं। फिल्म रुस्तम में इलियाना डिक्रूज के बाद अब इस फिल्म में जैक्लीन फर्नान्डीज ने शॉर्ट पिक्सी हेयरस्टाइल अपनाया है जो उन पर काफी जंचा भी है। लगता है छोटे बेतरतीब बालों का यह अंदाज आने वाले दिनों में फैशन की दुनिया में छाने वाला है। उनका पोल डांस और बिकिनी वाले दृश्य भी प्रभावी हैं। उन्हें बस अपनी एक्टिंग और हिंदी पर काम करना चाहिए। 10 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम कर चुकी यह अभिनेत्री जब अंग्रेजी लहजे में हिंदी बोलती है, तो अटपटा लगता है। हां, उनकी और सिद्धार्थ की जोड़ी काफी ग्लैमरस लगी है। जैक्लीन की कुछ फिल्में हिट जरूर हो गई हैं, पर अगर उनके काम पर नजर डाली जाए तो वह अब तक अमूमन एक जैसे ही किरदार निभाती आई हैं। फिर चाहे वह हाउसफुल 3 हो, किक हो या ए जेंटलमैन हो। विशुद्ध व्यावसायिक फिल्मों के साथ ही उन्हें कुछ अच्छी फिल्में भी करनी चाहिए। फिल्मों के गीत औसत ही हैं, पर मियामी की खूबसूरत लोकेशंस में उनका फिल्मांकन काफी अच्छा बन पड़ा है। दर्शन कुमार फिल्म 'एनएच 10
के बाद एक बार फिर नकारात्मक भूमिका में नजर आए हैं। उनमें गजब का आत्मविश्वास नजर आता है। गौरव के दोस्त के रूप में हुसैन दलाल की कॉमिक टाइमिंग काम कर गई है और वह फिल्म में कई बार आपको हंसाते हैं। एक्शन दृश्यों का फिल्मांकन प्रभावी है।

शिवराज के हाथ से निकलीं गुना, छिंदवाड़ा और झाबुआ लोकसभा सीट

डाॅ. अरूण जैन
भाजपा में पूरे मध्यप्रदेश पर एकक्षत्र राज कर रहे सीएम शिवराज सिंह चौहान एवं नंदकुमार सिंह चौहान के हाथ से गुना, छिंदवाड़ा और झाबुआ छीन ली गईं हैं। इन तीनों सीटों के सभी फैसले अमित शाह डायरेक्ट करेंगे एवं उप्र के परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उनके प्रतिनिधि के तौर पर तीनों लोकसभा सीटों पर काम करेंगे। स्वभाविक है यह फैसला केवल लोकसभा 2019 तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसका असर 2018 की विधानसभा पर भी पड़ेगा। आरोप है कि कमलनाथ ने एक बार बुरे वक्त में शिवराज की काफी मदद की थी। कांतिलाल भूरिया पर तो शिवराज से मिली भगत का खुला आरोप लग ही चुका है और ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति शिवराज का चुनाव के दौरान अचानक नरम रुख हो जाता है। अत: शाह ने तय किया है कि अब वो सीधे तीनों सीटों पर काम देखेंगे। स्वतंत्र देव सिंह इसी तैयारी के सिलसिले में 1 सितंबर को भोपाल आ रहे हैं।
स्वतंत्र देव सिंह उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुए चुनावों के बाद पहली बार मंत्री बने थे। उनको भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है। उप्र के बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे स्वतंत्र देव सिंह मप्र में कांग्रेस के कब्जे वाली गुना, छिंदवाड़ा और झाबुआ लोकसभा सीट हथियाने के लिए काम करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने कई राज्यों के मंत्रियों को कांग्रेस के कब्जे वाली अलग-अलग सीटों का प्रभारी बनाया है, इन मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में यहां भाजपा को जीत दिलाएं। पिछले दिनों मप्र के दौरे पर आए अमित शाह ने भाजपा संगठन को साफ कर दिया था कि किसी भी कीमत पर कांग्रेस के कब्जे वाली छिंदवाड़ा, गुना और झाबुआ सीट पर जीत चाहिए। शाह इन सीटों पर भाजपा की तैयारियों की खुद मॉनीटरिंग भी करेंगे। भाजपा अभी से इन सीटों पर तैयारियां शुरू कर रही है। एडजस्ट करने वाले नेताओं से बनाई जाएगी दूरी सूत्रों के मुताबिक इन सीटों पर भाजपा के उन नेताओं को कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जो कांग्रेस के साथ सामंजस्य बैठाकर राजनीति करते हैं। इसके संकेत अमित शाह ने यह कहते हुए भी दिए थे कि एडजस्टमेंट वाली राजनीति नहीं चलेगी। अब तक कांग्रेस और भाजपा नेता इन क्षेत्रों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में अपने-अपने हिसाब से वोटों का एडजस्टमेंट करते थे। इससे कांग्रेस को लोकसभा में और भाजपा को विधानसभा चुनावों में फायदा होता था। सभी 29 सीटें जीतने का लक्ष्य अमित शाह ने प्रदेश संगठन को अगले लोकसभा चुनावों में सभी 29 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया है। मप्र में अभी 26 लोकसभा सीट भाजपा के कब्जे में है और 3 सीटें कांग्रेस के पास हैं।

शिवराज ने 30 सीटों पर किया था प्रचार, 13 हार गए, पंचायत तक नहीं जीत पाए

डाॅ. अरूण जैन 
मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव में इस बार नंदकुमार सिंह चौहान सीना ठोककर दावा नहीं कर सकते कि 43 में से 25 सीटों पर मिली जीत सीएम शिवराज सिंह की लोकप्रियता का परिणाम है क्योंकि शिवराज सिंह 43 में से 30 सीटों पर प्रचार करने गए थे, जिनमें से 13 हार गए। अर्थ यह निकलता है कि शिवराज सिंह अब चुनाव जिताऊ स्टार प्रचारक नहीं रहे। नंदकुमार सिंह ने चुनाव से पहले कहा था कि यह चुनाव वो शिवराज सिंह के बिना जीतकर दिखाएंगे लेकिन जब फीकबैक आया तो घबरा गए और शिवराज को मैदान में उतारा। फिर भी काम नहीं बन सका। शिवराज सिंह के अलावा सुषमा स्वराज, गौरीशंकर बिसेन, ओमप्रकाश धुर्वे और सूर्यप्रकाश मीणा के जिलों में भी भाजपा को शिकस्त मिली है। इतना ही नहीं संगठन मंत्री अतुल राय ने भी भाजपा की लुटिया डुबा दी। ग्राम पंचायत का चुनाव भी नहीं जिता पाए शिवराज सिंह मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र बुधनी के लाड़कुई में हुए ग्राम पंचायत उपचुनाव में पार्टी द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी भाजपा हार गई। बता दें कि बुधनी ना केवल सीएम शिवराज सिंह का विधानसभा क्षेत्र है बल्कि उनका गांव भी हैं। शिवराज सिंह ने अपनी राजनीति की शुरूआत यहीं से की थी। उनके परिवार और रिश्तेदार आज भी यहीं रहते हैं। बिसेन को तो भगत ने ही पछाड़ दिया बालाघाट जिले के बैहर में मंत्री गौरीशंकर बिसेन और सांसद बोध सिंह भगत की लड़ाई पार्टी को ले डूबी। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। भगत के समर्थक और बागी उम्मीदवार ने यहां भाजपा का काम बिगाड़ दिया। डिंडौरी में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे के विधानसभा क्षेत्र शहपुरा में उनकी पसंद से उम्मीदवार तय किए जाने के बाद भी भाजपा को जीत नहीं मिल सकी। सुषमा, शिवराज और मीणा के बाद भी शमशाबाद हार गए शमशाबाद में खाली कुर्सी-भरी कुर्सी के चुनाव में कांग्रेस की जीत ने बता दिया कि क्षेत्र में राज्य मंत्री सूर्य प्रकाश मीणा का प्रभाव कम हुआ है। यह क्षेत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के प्रभाव वाला भी माना जाता है। हालांकि नंदकुमार सिंह चौहान ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि शमशाबाद में हमने मेहनत नहीं की थी। संगठन मंत्री अतुल राय ने लुटिया डुबा दी महाकौशल क्षेत्र में संगठन मंत्री अतुल राय पर भरोसा पार्टी को भारी पड़ गया। अपनी जीवनशैली को लेकर चर्चाओं में रहने वाले अतुल राय बागियों को नहीं मना पाए। उनके क्षेत्र में आने वाले छिंदवाड़ा जिले में 6 में से भाजपा सिर्फ एक सीट पर ही जीत सकी। वहीं मंडला नगर पालिका, निवास नगर परिषद,डिंडौरी के शहपुरा और बालाघाट के बैहर में पार्टी को करारी हार मिली है। राय क्षेत्र में पार्टी नेताओं के बीच गुटबाजी को भी खत्म नहीं कर पाए।