Thursday, 5 January 2017

सिंधिया होंगे सीएम उम्मीदवार कमलनाथ पीसीसी चीफ-प्रशांत किशोर, राहुल गांधी का मिशन म प्र 2018
डॉ. अरूण जैन
रकार बनाने के लिये कांग्रेस हाईकमान ने प्रशांत किशोर की सेवाएं लेना शुरू कर दी हे। प्रशांत किशोर ने काँग्रेस को अपनी राय दी हे कि़ यदि सिंधिया को  प्रोजेक्ट करे एवं कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाये । तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस ऐतिहासिक विजय हासिल करेगी । टीम प्रशांत किशोर ने प्रदेश में कांग्रेस की जित पर राहुल को आश्वस्त करते बताया की प्रदेश में भाजपा द्वारा कांग्रेस की जित को रोक पाना गली की हड्डी साबित होगा अगर कांग्रेस इस फार्मूले पर चलती है । क्या हे प्रशांत किशोर का फार्मूला प्रशांत किशोर के अनुसार प्रदेश में कांग्रेस को एकसुत्र में पिरोने के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचोरी को प्रदेश समन्वयन समिति की जिम्मेदारी सोपी जाए । गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम उम्मीदवार और छिंदवाड़ा के सांसद कमलनाथ को पीसीसी चीफ बनाया जाये । इस फार्मूले पर अगर कांग्रेस चलती है तो कांग्रेस आसानी से शिवराज का किला ढहा सकती है । युवा चेहरा दिलाएगा जित सिंधिया के ष्टरू प्रोजेक्ट करने पर खास कर युवाओ में उनका बढ़ती लोकप्रियता का फायद कांग्रेस को मिलेगा । दिल्ली की संसद हो या कोई रैली हर जगह जनता उनको व्यक्तव्य को बड़े गौर से सुनती है । और पसन्द भी करती है । साफ बेदाग छवि के चलते उनका विरोध कर पाना भाजपा के लिए कड़ी चुनोती साबित होगा ।  कमलनाथ का माइंड गेम राष्ट्रिय राजनीती में अपनी गहरी छाप रखने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेताओ में शामिल कमलनाथ का माइंड गेम कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम कर सकता है । वेंटिलेटर पर पड़ी कांग्रेस में जान फूकने के लिए प्रशांत किशोर ने कमलनाथ का नाम पीसीसी चीफ के तौर पर राहुल को दिया है । उनका मानना है की कमलनाथ एक सीनियर लीडर हे जिसका फायदा प्रदेश में कांग्रेस को उठाना चाहिए है । राज्यसभा के चुनाव में उन्होंने जिस प्रकार विवेक तनख्वा को जित दिलाई उनकी नेतृत्व क्षमता को भी दरकिनार नही किया जाना चाहिए । पीसीसी की जिम्मेदारी कमलनाथ जैसे अनुभवी लीडर के हाथ में होना चाहिए । दिग्विजय और पचोरी प्रभाव का लाभ प्रदेश में कांग्रेस को अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रशांत किशोर ने म प्र के पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचोरी को प्रदेश की समन्वय समिति के चीफ की जिम्मेदारी देने की बात रखी । टीम प्रशांत किशोर के अनुसार दिग्विजय सिंह व् सुरेश पचोरी का प्रदेश की राजनीती में बड़ा प्रभाव है । जिसका लाभ अगर कांग्रेस लेती है तो कांग्रेस एक नई ऊर्जा के साथ प्रदेश में खड़ी हो सकती है । टीम प्रशांत किशोर के इस फार्मूले पर अगर सहमती बन जाती है । बीजेपी सोचने पर मजबूर हो सकती है । यूपी में खाट सभा और रेलियो के माध्यम से चर्चा में आये प्रशांत किशोर के फार्मूले पर राहुल का फैसला जल्द आने वाला है । जिस प्रकार पीके ने यूपी में शीला दीक्षित को सीएम उम्मीदवार व् राज बब्बर को पीसीसी चीफ बनाकर यूपी कांग्रेस में जान फूंकी है ।उसी पर चलते म प्र में भी यह प्रोयोग किया जा रहा है। जिस पर अब मध्य प्रदेश की राजनीतीक सरगर्मी तेज होती दिखाई दे रही है । जिसके चलते प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओ ने आल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सामने अपनी उपस्तिथि दिखाने के लिए प्रदेश में गुट बाजी को हवा देना शुरू कर दी है । प्रदेश में जोड़ तोड़ की राजनीती शुरू हो गई है । वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और गोविन्द सिंह को सिंधिया सक्रियता खल रही हे । जिसके चलते मिडिया में सिंधिया के खिलाफ बयान बाजी तेज हो गयी है । प्रदेश कांग्रेस में फि़लहाल कुछ भी ठीक नही चल रहा है । कांग्रेस आईटी सेल के 6 कार्यकर्ताओ ने अरुण यादव से नाराज होकर पार्टी पद से स्तीफा दे दिया है बताया जा रहा है को अरुण यादव ने अपने समर्थको को ही दिल्ली आईटी सेल की मीटिंग में भेज कर प्रदेश में सिर्फ अरुण यादव सक्रीय हे जेसी वाह वाही लूटने के प्रयास से यह किया है जिससे नाराज कार्यकर्ताओ ने ये कदम उठाया है । एक गुमनाम पत्र सोशल मिडिया पर वायरल किया अरुण यादव द्वारा कार्यकर्ता को प्रदेश के अन्य नेताओ का प्रचार करने पर रोक टोक की जा रही है । जिसके कारन अब कांग्रेस आईटीसेल भी भिखर चूकी है । सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल में अरुण यादव की समर्थक विभा बिंदु डोंगरे ने सोशल मिडिया पर समर्थक एक गुमनाम पत्र सोशल मिडिया पर वायरल किया जिसमे कमलनाथ दिग्विजय और सिंधिया के नाम देकर प्रदेश में पार्टी की बैठको में शामिल नहीं होने की बात कही गयी साथ साथ अरुण यादव के प्रति आम जन से सहानुभूति प्राप्त करने के लिए प्रदेश के वरिष्ठ नेताओ पर तंज कसते हुवे उन्हें बदनाम करने की भी कोशिश की गयी । शुरू कर दिए राजनितीक गणित प्रदेश में जब से सिंधिया के सीएम उम्मुद्वार की खबर बहार आई है प्रदेश के नेताओ ने अपने अपने स्तर से अपने राजनितीक गणित बेठने शुरू कर दिए है । जीतू पटवारी सज्जन सिंह वर्मा और अब विवेक त्नख्या के बयांन मिडिया में आने के बाद से स्पष्ट रहा हे की प्रदेश में कांग्रेस के कुछ नेता अपना रुतबा बचाने के लिए बड़े नेताओ के खिलाफ केम्पनिंग शुरू कर दी है । इन सबके बिच राहुल अब प्रशांत किशोर के भरोसे प्रदेश में कांग्रेस का किला लड़ाने के लिए तैय्यर हो चुके है । अब देखाना ये ही की राहुल गांधी और प्रशांत किशोर के प्लान को प्रदेश कांग्रेस के छुटभैया नेता अपनी साख बचाने के लिए रोकने में कामयाब हो पाते है की नही । राजनितिक विश्लेषकों का मानना है की दीवाली तक पीसीसी में बदलाव हो जाना चाहिए । कुछ विद्वानों के अनुसार यूपी चुनाव हे इसलिए यादव को अभी बनाये रखेगे । दमदार और प्रभावशाली नेता को पीसीसी का चेहरा मगर राजनीतक दृष्टिकोण कहता हे की अरुण यादव की यादव वोट पर भी प्रभाव नही है । घोडा डोंगरी उप चुनाव में 20 हजार यादव वोट थे मगर यादव उन्हें भी नहीं साध पाये । तो यूपी चुनाव के लिए उनकी उपयोगिता के कोई मायने नहीं है । नहीं उनसे यूपी में किसी प्रकार का पार्टी को लाभ हुवा है । इसके उलट प्रदेश में गुडबाजी को हवा देने में अधिक कामयाब नजर आये यादव ।इन सब विवादों और रिपोर्ट के बाद अब पार्टी एक दमदार और प्रभावशाली नेता को पीसीसी का चेहरा बनाने जा रही है । जिससे प्रदेश में 2018 में कांग्रेस का क्या भविष्य होगा तय हो जायेगा।

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